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Gratitude

Gratitude aur relationship – by gratitudeinhindi

नमस्ते दोस्तों! आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक बहुत ही सुन्दर लेख जिनमें, हम आपको बताएंगे gratitude के भाव से आप अपने जीवन को कैसे और बेहतर बना सकते हैं। कैसे अपने सामंधों को अच्छा बना सकते हैं।

कृतज्ञता से अपने रिश्तों को मज़बूत बनाएं

gratitude एक एसा जादू हैं जिसके माध्यम से आप जो भी चाहे वो हासिल कर सकते हैं। बस आपको यह समझना होगा के यह कैसे काम करता हैं।

बोहोत से लोग gratitude को हल्के में लेते हैं, वो इसके प्रभाव और महत्व को भाप ही नहीं पाते। यही कारण हैं के हम कृतज्ञता ज्ञापन तो कर लेते हैं, लेकिन इसका उचित उपयोग नहीं कर पाते हैं।

पोस्ट में आगे बड़ने से पहले एक छोटे से बच्ची की कहानी में अपको सुनान चाहता हूं, कैसे एक छोटे बच्चे ने इस gratitude के जादू से सबका मन को जीत लिया था।

कृतज्ञता से रिश्ते कैसे बनते हैं : Gratitude Hindi Story

यह कहानी हैं, कोलकाता शहर के रहने वाली shanvi की, जिसकी उम्र सिर्फ ५ साल की थी, उसने अपने पिताजी से यह सीखा था के, जब कोई तुम्हारे साथ कुछ अच्छा बरताव करें, तो तुम उन्हे thank you कहना, जब कोई तुम्हारी कोई हेल्प करें, तो thank you कहना,अपने techers को thank you कहना, school ke पियोन uncle को भी thank you कहना, बस uncle aur bus के कंडक्टर अंकल को भी रोज थैंक यू कहना।

जब कोई तुम्हारा हेल्प न भी करें, फिर भी उन्हें एक स्माइल के साथ थैंक यू कह देना। Shanvi अपने पिताजी के कहे मुताबिक हमेशा ऐसा ही करती थी।

कुछ ही दिनों के अंदर, shanvi को स्कूल के हर एक एक teacher से लेकर principal, school ke jar बच्चे, पिओन से लेकर बाकी स्कूल के staff, school के गेटमैन से लेकर बस driver सब लोग – shanvi को पहचान गए थी, और सारे लोग shanvi को खुब पसंद करते थे।

एकदिन गर्मी की छुट्टी होने वाली थी, स्कूल के सारे बच्चे छुट्टी होने पर अपने अपने घर के ओर जाने लगें। उसदीन संयोग से बस खराब होगए थी, इस कारण से जायदा तर बच्चे अपने अपने parents के साथ ही घर को चले गए।

Gateman के ध्यान में था, के सारे बच्चे तो घर को चले गए, लेकिन छोटी बच्ची shanvi अभी तक स्कूल से बाहर नहीं आई थी।

shanvi हमेशा school से घर जाते वक्त, Gateman uncle को thank you कह कर घर जाया करती थी, लेकिन आज तो shanvi से नहीं मिला।

Gateman को शक हुआ और वो जांच करने के लिए स्कूल के भीतर चेक करने गया। जाकर देखता हैं के वाशरूम से किसी की आवाज उसे सुनाई देता हैं।

वो जाकर देखता हैं, तो पता हा के अंदर कोई बच्चा बंद हैं, और गेट बाहर से किसी ने लोक कर दिया हैं।यह देखते ही, वो जल्दी से जाता हैं और गेट खोलने का इंतजाम करता हैं।

गेट के खोले जाने पर देखते हैं, के वो छोटा बच्चा और कोई नहीं shanvi ही होती हैं। वो इत्तेफ़ाक़ से वहा अटक जाती हैं, और स्कूल के कर्मचारी वाशरूम के door को गलती से बंद कर देते हैं।

उसके बाद शानवी को वहा से लेकर घर में जाकर रख कर आता हैं, वो gateman aur वो अब थैंक यू कहकर चला जाता हैं।

Moral of the story

तो क्या समझ आया दोस्तों, के जब आप किसी को Thank You या धन्यवाद कहते हो। तो कहने वाला का एक छाप सुन ने वाले का दिल में गिरता हैं। और वो हमेशा अपको याद रखता हैं। चाहे आप उसे भूल जाए।

जब हम किसी को धन्यवाद देते है, तो उसके दिल में हमारा एक छबि रह जाती हैं। वो हमेशा अपको याद रखते हैं। और मौके आने पर आपके साहायता करने में तत्पर रहते हैं।

कृतज्ञता हमारे रिश्ते में ठीक वैसे ही स्वाद भरता हैं, जैसे नमक खाने में, gratitude से हमारे रिश्ते को मिठास घोल देता हैं, जैसे शक्कर सरबत में।

चाहे हमारे रिश्ते अभी कैसे भी हो, इस बात से कोई फर्क नही पड़ता। आप के हाथ में ही इसे सुधार करने को चाबी हैं। khus खुशियों की कुंजी हैं।

आईए विस्तार से जानते हैं कृतज्ञता कैसे महत्पूर्ण हैं एक अच्छे रिलेशनशिप के लिए:

कृतज्ञता अच्छे संबंध बनाने में सहायक हैं

चाहे रिश्ता ममता का हो, चाहे प्यार का, चाहे दोस्ती का हो, चाहे अपनो का, कृतज्ञता सबमें प्रभावी रूप से काम करता हैं। जब आप अपने किसी अपनो के प्रति आभार व्यक्त करना चुनते हैं, तो आप इस संभावना को प्रबल कर रहे होते हैं की वो भविष्य में आपके प्रति प्रेममय बरताव करेंगे।

१.उनकी सराहना करें

अक्सर हम सक्रिय रूप से ध्यान नहीं देते के हमारे आसपास हो रहे चीजें हमारे जीवन को संपूर्ण बनाता हैं। हम अक्सर उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो हमारे मन के माफिक नहीं होती।

लेकिन लाखों चीजें ऐसे है जो सही हैं, उसपर हम सराहना नहीं करते।अपने संबंध के प्यार भरे बंधन को मजबूत करने के लिए, अपने साथी के कुछ सकारात्मक करते हुए सराहना करना, अधिक फायदेमंद साबित होता हैं।

जब आप अपने साथी के किसी छोटी से कम पर उनकी सराहना करते हैं, तो उनके दिल में एक प्रसन्नता का भाव जागरूक होता हैं। और अगले बार से वो उस काम को और ज्यादा अच्छे ढंग से करने की कोशिश करते हैं।

लेकिन जब आप किसी के किए गए किसी सहायता पर, सराहना नहीं करते तो अगले बार से वो काम आपके लिए करने से पहले संकोच का भावना उसके मन में उठने लगते हैं।

सराहना के माध्यम से आप किसी भी रिश्ते को और मधुर, और मजबूत बना सकते हैं। इंसान के अंदर तारीफ पाने का ललक जन्मगत होती हैं।

आप ही बताइए अगर आपके १० दोस्त हैं, जिन्हे आप अपनी शादी की खुशी में ट्रीट देते हो, उनमें से सिर्फ कुछ ही दोस्त आपके दिए गए ट्रीट के लिए अपका धन्यवाद, अपकी तारीफ या सराहना करें। तो अगले बार जब ऐसे कोय मौके आयेंगे फिर से तो आपके मन किस का नाम पहले आयेगा उन १० दोस्तो में से। Ha na?

सराहना करना भीड़ में भी आपको एक अलग मर्यादा दिलाता है। आप की एक विशेषता को दर्शाता है। आप जब जिस समय में किसी की सराहना करते हैं आप अपनी एक अलग जगह अपने सामने वाले व्यक्ति के दिल में बना लेते हैं।

२.धन्यवाद देने की आदत डालें

कहते हैं किसी के उपकार या काम आने पर उन्हे धन्यवाद देने से जरूरी कोई काम नहीं होती। धन्यवाद देना आपके आशीर्वाद को बढ़ाता है, आप जिस चीज के लिए धन्यवाद देते हैं, वोही चीज़ आपके जीवन में और अधिक मात्रा में आना शुरू हो जाती हैं।

अगर आप यह सोचते हैं के अपका रिश्ता एक यातना हैं, आपके बच्चे आपके लिए परेशानी का कारण हैं, आपके माता पिता आपके लिए बोझ है, आपके बाकी रिश्तेदार आपके शत्रु हैं, तो आप कभी भी एक अच्छा रिश्ता नहीं बना पायेंगे। क्यूंकि अपका सोच ही आपके पैरों का मोच बना बैठा हैं।

इसलिए अपको अपने रिश्ते के उन सेत्रो पर नजर देनी हैं, जो सकारात्मक भाव की ऊर्जा आपके अंदर पैदा करें। वर्तमान परिस्थिति में अपको अपने अंदर कृतज्ञता का भाव को जागरूक करना हैं।

आप खुदके जीवन को उमलोगो के साथ और समर्थक के बिना एकबार सोच के देखे, क्या आज आप जिस भी मुकाम में हैं। उनके सहायता और योगदान के बिना आप यह तक भी पहुंच पाते?

यही वो सवाल हैं जिसे अपको खुदसे करना है, और यही आपके दिल में अपने लोगों के लिए धन्यवाद का भाव को जागरूक करने में मदद करेगा।

३.आभार मेहसूस करें

हम अक्सर यह सोच कर अपने जीवन के उन रिश्तों को खराब कर लेते है। जिन्हे हमारी सबसे जायदा जरूरत होती हैं। हम जो कुछ भी प्राप्त करते हैं, उसे नजर अंदाज कर देते है। और जो प्राप्त करने से राह जाए उसके कारण हम एक दूसरे से नाराज़ हो जाते हैं। अपने रिश्ते को खराब कर लेते हैं।

हमें एहसान फरामोश नहीं होना चाहिए, हमेशा हमपर हुए एहसानो को याद रखना और उसके लिए आभार मेहसूस करना चाहिए।

अगर आप ऐसा करते हैं, तो में पूरा भरोसा के साथ कह सकता हूं के आपके रिश्ते में कभी कोई आंच नहीं आयेगी और अपका रिश्ता हमेशा खुशहाल रहेगा।

४.अच्छा बरताव करें

आजकल ये trend जारी हैं की, हम अपने लोगों से बदसुलूकी करते हैं और गैरों के साथ बड़े अच्छे बने फिरते हैं। आसान सब्दो में, हम अपनो से जायदा दूसरो को खुश करने में लगें हैं।

यही हमारे रिश्तो को कमजोर करने की एक मूल कारण साबित हो रहा हैं।जितने अच्छे से हम बाहर के लोगों से, हमारे परोस के लोगों से, हमारे दोस्तों से हम पेश आते हैं। उतनी ही प्यार और आदर से हमे अपने लोगों के साथ भी पेशा आना हैं। अच्छा बरताव करना हैं। तब देखेंगे के आपके रिश्ते में और अधिक प्रेममय में बदल जाएगा।

५. अच्छे पलों को याद करें

मैंने यह आम तौर पर देखा हैं, के हम अपने अच्छे समय में भी उन पलों और उन लोगों को नहीं भूलते जो हमारे साथ किसी ना किसी तरह कुछ गलत किए होते हैं।

हम अक्सर अपने अतीत के बुरे यादों को याद कर के अपने वर्तमान को नष्ट कर रहे होते हैं। ऐसे हरगिज नहीं करें, अपने अतीत के पलों को एक परीक्षा मान कर,भुला दें।

अपने वर्तमान में अपने अतीत को हावी होने नहीं दे, अपने अच्छे पलों को याद करें और खुदको भाग्यवान महसूस करें। क्यूंकि आप जैसा मेहसूस करते है वैसे ही vibration आपके अंदर से निकल कर यूनिवर्स में जाति हैं।

उसी तरह के हालात या परिष्टिति को आकर्षण करती हैं। इसलिए अपने जीवन के उन हसीन रिश्ता और प्रेमपूर्ण बंधनों को याद करके उसके प्रति धन्यवाद से भर जाए। ऐसा करना आपके वर्तमान जीवन के रिश्ते में और बेहतरी और सुधार करता हैं।

आशा करता हूं gratitude Aur relationship का यह टॉपिक अपको पसंद आया होगा। अपना सुझाव हमे comment box me जरूर शेयर करें। तब तक के लिए अपना खयाल रखें,safe रहें, सुरक्षित रहें और कृतज्ञता को फैलात रहें।

धन्यवाद।

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