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5 Tips Humesa Khus Rahne Ke Liye

 आईने के सामने खड़े होने पर आप अपने सबसे अच्छे मित्र और अपने सबसे बड़े शत्रु को देख सकते हैं।

शुरुआत में हम सभी को यह याद रखना चाहिए कि हम एक ऐसे देश में रहते हैं। जहां रहने वाले हर नागरिक को विचार और कार्य की ऐसी स्वतंत्रता हासिल है इसकी तुलना नहीं हो सकती। हममें से ज्यादातर ने यह स्वतंत्रता के लाभों की सूची नहीं बनाई है।

हमने कभी अपनी आशिमित स्वतंत्रता की लिए कृतज्ञ अनुभव नहीं की है। अकृतज्ञता इंसान के जीवन से खुशी को खत्म कर देता है। और जीवन में सिर्फ दुःख और असंपूर्णता को ही नियोता देता हैं।

अगर आप अपने जीवन से खुश नहीं हैं तो अपको कृतज्ञता का अभ्यास करना चाहिए। क्यूंकि कृतज्ञता आपके जीवन के दुखों को सुख में, उलझनों को सुलझन में,कमियों को पूर्ण रूप में भर सकता हैं।

हम अक्सर खुश होने क्या कारण तलाश करते हैं। अपने खुशियां को किसी चीज या वस्तु से जोड़ कर देखते है, है की नई?

ऐसा करना ही हमें जीवन में और अधिक पीरा और यात्ना के और ले जाता हैं। हम सब अपने लिए सर्वोच्च खुशी तलाश करते है और खुदको ऐसे कारणों से जोर लेते हैं। जिसके होने से हम खुश और ना होने से दुखी हो जाते है।

बस्ताब में खुशी वो नहीं हैं जो हम समझ रहें हैं। तो फिर खुशी क्या है? कैसे हम सदा खुश रहें, कैसे हम किसी चीज़ या माध्यम के बगैर खुश रहें, कैसे हमारी खुशी टिकी रहें और वो केबल बढ़ती ही रहें!

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आजकल जिसे हम खुशी समझते है वो बस कुछ ही क्षण के लिए हमारे पास मौजूद रहती हैं। हम अपने खुशी को स्थायी रूप से बरक़रार रखने में असफल रहते है। क्यूंकि जिसे आप खुशी मान रहे हैं, वो केबल एक भौतिक आयाम के कुछ क्षण है, जो अपको मिले हैं और फिर उसकी महत्व आपके दिलसे धीरे धीरे उतरना सुरु हो जाती हैं।

अपने गौर किया होगा,

  • जब अपने अपना नया मकान बनाया था तब आप जितना खुश थे, क्या आब भी उतनी खुशी आपके मन में स्थिर है?
  • अपको जब पहली नौकरी मिली थी तब आप जितना खुश थी, क्या आज भी आप अपने काम से उतना ही खुश हैं?
  • अपकी जब शादी हुई तब आप जितना खुश थे, आज ४ साल गुजर जाने के बाद भी आप अपने शादी शुदा जीवन में उतना ही खुश है?
  • अपको जब पहली संतान प्राप्त हुए तब आपने जितना खुशी प्रकट किया था, आज भी उतना ही खुश हैं, जब के आपके संतान अपका कहना मानते नहीं, अपने कहना मनवाना उनकी आदत बन चुकी हैं?

यही कारण हैं, जब जिस चीज के प्राप्ति के लिए आप जितना आतुर या इच्छुक होते हैं, उसकी प्राप्ति के बाद आपकी इच्छुकता और प्रसन्नता धीरे धीरे कामती जाती हैं।

और एक पल ऐसा आता है जब आप सुख और खुशी के लिए किसी दूसरी तरफ भगाना शुरू कर देते हैं। है की नई?

खुशी कोई ऐसे वस्तु नहीं जो अपको बाजार में मिल जाए। खुशी का खोज आप अपने जीवन के बाहरी हिस्से में तलाश करते हैं, जबकि असली खुशी आपके भीतर ही निहित हैं।

आज हम आपको 5 Tips Humesa Khus Rahne Ke Liye बताएंगे जो अपको अपकी भीतर की खुशी से जोड़ेगा और सदा आप किसी कारण और किसी वस्तु के प्राप्ति या उसके बिना ही खुश रहने सिख जायेंगे।

हमारी यही प्रयास होती है, के हम अपने हर एक एक पोस्ट के माध्यम से कैसे आपलोगो का मदद कर सकें अपलोगों के काम आह सके। इसी कारण हेतु आजका ये पोस्ट हम आपके साथ सांझा कर रहे हैं। जो सच में आपके जीवन में एक शक्तिशाली प्रभाव डाल सकता हैं।

Sadhguru Jaggi Basudev ji का एक बात मुझे बहुत अच्छा लगता हैं, वो कहते हैं – “मनुष्य का प्रकृति ही यह है की, वो जिस वस्तु से बांचित होता हैं, वोही चीज़ उसके लिए महत्व पूर्ण लगती है। जो कुछ अपका नही हैं, उस समय वोही सारे चीज़ आपको सबसे महत्वपूर्ण लगती हैं।”

खुश रहना कभी कभी हम में से कइयों को लिए काफी मुख्किल साबित होता हैं। हमे लगता हैं के खुश रहने के कोई कुछ खास तरह के स्थिति होना चाहिए, तब ही हम खुश रह सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं हैं, सदगुरु बताते हैं हमेशा खुश रहने के लिए कुछ सरल उपाय।

जिसे अपना कर आप हमेशा खुश कैसे रहें ये जान जायेंगे। Sadhguru कहते हैैं जब आप बुनियादी रूप से खुश होते हैं, जब अपको खुश होने के लिए कुछ करना नही पड़़ता, तब आपकेे जीवन के हर आयाम में बदलाव आह जाायेगा।

आपके अनुभवों में बदलाव आह जायेगा, अपको पूरी दुनिया बदली बदली सी लगेगी, अपका कोई आब निहित स्वार्थ नहीं होगा, क्यूंकि चाहे आप कुछ करें या ना करें, अपको कुछ मिले या ना मिले, चाहे अपका कुछ हो या ना हो, आप को इस बात से कोई फ़र्क नहीं होगा, आप स्वाभाव से ही आनंदित होंगे।

जब आप अपने स्वाभाव से ही खुश होते है, तो चाहे आप जो भी करेंगे वो एक अलग स्तर का होगा। हमेशा खुशहाल जीवन जीने के लिए ५ साधन जो सदगुरु बताते हैं, वो यह हैं :

हमेशा खुश रहने के लिए ५ साधन – सदगुरु द्वारा बताए गए

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