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Gratitude

Gratitude ka hindi meaning – आभार का महत्व कया है जीवन में

Gratitude In Hindi

Table of Contents

कृतज्ञता का अर्थ – Gratitude meaning in hindi

कृतज्ञता का मतलब होता किसी के किए हुए सहायता या फिर किसी के दिए हुए उपहार के बदले उनके प्रति धन्यवाद के भाव से भर जाना। किसी से आपको आनंद या खुशी मिले तो उनके प्रति धन्यवाद के भाव से भर जाना कृतज्ञता हैं। यह तो सहज और सरल अर्थ हुआ कृतज्ञता का।
कृतज्ञता को हम काई सारे शब्द से संबोधित कर सकते है, जैसे के आभार, शुक्रिया, धन्यवाद, thank you, gratitude, thankful,grateful ऐसे कोई सारे शब्द हैं अंग्रेजी और हिंदी में जो हम कृतज्ञता का प्रकट करते वक्त इस्तेमाल करते हैं।
यह तो थी आम तौर पर समझ जाने वाले शब्द थे जो हर कोई बड़ी आसानी से समझ सकते है। लेकिन अब आते हैं कृतज्ञता के गहराई में जो सच में हमें मदद करेंगे नाही सिर्फ कृतज्ञता जाहिर मतलब समझने में बल्के इसके बतिनी मतलब भी हम जान पाएंगे।
पहले ही मैंने कहा के कृतज्ञता का मतलब होता है किसी से कोई सहायता,उपहार,खुसी या फिर आनंद अगर आपको मिलता हैं तो उसके लिए आप धन्यवाद करते हो। धन्यवाद के भाव से भर जाते हो।
आप ज़रा सोचिए कि:

• हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार क्या है? 

जरा सोचिए के, यह मनुष्य रूप में हमें जो जीवन मिला हैं, इसमें मेरा या आपका कोई कमाल हैं? परमेश्वर ने हमें मानव बनाया सुंदर बनाया देखने सुनने बोलने और समझने लायक बनाया, क्या यह हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार नही हैं? अगर हमे मानवलोक के बदले कोई और लोक में जन्म होता, अगर हम इंसान नही हो कोर कोई पशु पक्षी, जंतु या बृख् के रूप में यह दुनिया आते तो क्या होता? मानव जीवन के कारण जो सुख हम भोग रहे है, जो आनंद हम ले रहें, किसी और रुप में जन्म होने से यह सब संभव हो पाता, हम इंसान हैं इसमें हमारा कोई कमाल नहीं है, सारा कुछ उस परमात्मा का कृपा हैं। उसने हमपार एहसान कर दिया के हमे इंसान बनाया। 
क्या हमे उनका सच्चे मन से कृतज्ञ होना नहीं चाहिए? आप ही बताइए, फिर भी हम कितना अधिक धन्यवाद देते हैं यह हम खुद से पूछें।

 • हमे किस से सहायता मिल रहा हैं?

हम जो सांस लेते है क्या इसमें हमारा कोई कमाल है? क्या हम सांस खुद से ले रहे है,या फिर कोई शक्ति हैं जिसे हम देख तो नहीं सकते लेकिन उसकी होने के, उनकी मौजूदगी का एहसास हमे हर पल होता रहता हैं, वो हमारा सहायता कर रहे है। हमें हर तरह की परेशानी से जिन्होंने सुरक्षित रक्खा हैं। क्या उनका हमें धन्यवाद देना नहीं चाइए? हमे जो भी सहायता मिल रहा हा सब उस परमात्मा का ही लीला हैं, बस इतना सा बात हैं के वो अपने ही बंदों के मध्यम बना कर अपकी हमारी हर पल पल सहायता, हमारी सुरक्षा कर रहा हैं। और हम हर पल उनका आभार प्रकट करते रहना, हमारा मूल मंत्र होना चाइए।
 

•हमे कोन सी चीजों से खुशी मिलती है?

जीवन हमारे छोटी – बड़ी खुशियां और आनंद से भरी हैं,
>जब कोई सपना पूरा हो जाए
>जब हम बीमार से स्वस्थ हो जाए
>जब हम अपने बच्ची को देखते है
>जब हम अपने पत्नी से प्रेम करते है
>जब हम अपनी मनचाही चीज़ पाते है
>जब हमारा कोई सहायता करते है
>जब कोई हमे अच्छा सलाह देता है
>जब कोई हमे अपना समय देता है
>जब हम किसी की मदद करते है
>जब हम किसी को उपहार देते है
>जब कोई हमें उपहार देता है
>जब हमे मनपसंद खाना मिलते है
>जब हम कहीं घूमने के लिए जाते है
>जब हमारा कोई प्रसंसा करता है
>जब हम परीक्षा में सफल हो जाते है
>जब हमारा पहला जॉब होता है
>जब हम शादी करते है
>जब हमे पहले संतान नसीब होता है
>जब हम खुदका मकान बनाते है
>जब हम खुद का car लेते है
 
ऐसे ना जाने कितने छोटी बड़ी खुशियां से हमारा जीवन भरा पड़ा हैं, लेकिन फिर भी हम शिकायत करते है, भगवान से से सवाल करते है,दूसरों को दोष देते हैं, और शुक्र करने के बजाए नाशुक्र करते है।
 
हमारा जीवन हमे अच्छा नहीं लगता, हम दूसरो की तरह जीवन जीने का सपना देखते है, और वो किसी और को देखते हैं।
 
 
Gratitude meaning in hindi
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

 
आज हमारा हालात भी कुछ ऐसा ही हैं, हमारे जीवन में कृतज्ञता नही होने के कारण हमारे पास जो कुछ भी उसकी भी हम एहसास नहीं होता हैं, हम सिर्फ दूसरे के जीवन में झांकते हैं और उन जैसा जीवन चाहते है। परंतु जो लोग कृतज्ञ होते है वो हर वक्त अपने वर्तमान अवस्था से संतुष्ट रहते है कभी किसी को दोष नही देते हैं। खुदके प्रयास से वो अपने जीवन में सफल होते हैं।
 
कृतज्ञता का मतलब यह नहीं कि, आप अगर गरीब हैं तो गरीब ही रहें, अपने जीवन को सुधारने की कोई कोशिश ही नही करे। बल्के उस गरीबी में खुश रहे। कृतज्ञ होने का मतलब हैं आप उन चीजों पर अपना दृष्टि दें जो अभी आपके पास है। क्यूंकि जब आपके जीवन के कमी पर ध्यान देते हैं तो जो विचार आपके मन में आते है, में गरीब हूं, मेरा अपना घर नहीं है, मेरा ढंग का काम नहीं हैं, मेरे बच्चे अच्छे नहीं, में जीवन में बहुत परेशान हूं, इस तरह के विचार का कंपन आपके जीवन में और अधिक इसी तरह के चीजों को जीवन में और लेकर आएंगे। क्यूंकि कृतज्ञता एक सार्वभौमिक पक्रिया के तहत काम करता हैं। जिस पर आपका दृष्टि जितना अधिक होगी वोही आपके जीवन में प्रसारित होते चले जायेगी। क्या आप अपने जीवन के कष्ट को और बड़ाना चाहते हैं? कोई भी नहीं चाहेगा। तो आज से कृतज्ञता को अपने जीवन का आधार बना लें।
 
जितना अधिक अप कृतज्ञ बोध करेंगे उतना अधिक आपके जीवन में वो चीजें मिलते चले जाएगा जिसके लिए आप और कृतज्ञ होंगे। 
 

कृतज्ञता क्या है? What is Gratitude meaning in hindi

 
आइए जानते हैं gratitude meaning Hindi में कृतज्ञता क्या है:
 
  • कृतज्ञता महान गुण हैं
  • कृतज्ञता एक शक्तिशाली प्रक्रिया है
  • कृतज्ञता हृदय की स्मृति है
  • कृतज्ञता खुशी की ओर ले जाती है
  • कृतज्ञता आत्मा का शक्ति है 
  • कृतज्ञता ब्रह्मांड में सबसे शक्तिशाली चीज है
  • कृतज्ञता जीवन जीने का तरीका है
  • कृतज्ञता हर धर्म का मूल है
 
कृतज्ञता हमें अपने जीवन में अच्छाई को पहचानने की अनुमति देता है। हमारे जीवन में अच्छे चीजों पर ध्यान देना और उसकी सराहना करना, लगातार हमें अपने चारों तरफ की खास चीजों की याद दिलाता है।
 
आभार हमें यह देखने की अनुमति देता है कि उस अच्छे के स्रोत आमतौर पर पास हैं। कृतज्ञता का अभ्यास हमें उन लोगों को पहचानने की अनुमति देता है जो हमारे जीवन में अच्छाई लाते हैं और हमें उन लोगों को श्रेय देते हैं जिनके हम आभारी हैं।
 
 

कृतज्ञ मनुष्य का उत्तम गुण है

रिक,कुरान, बेद, बाइबल दुनिया के सारे बड़े बड़े धर्म ग्रंथ में मानुष के लिए अगर सबसे अच्छा गुण हैं कृतज्ञता और धार्यता। जिस इंसान में यह गुण पाए जाते हैं। वो इंसान अपने जीवन के सारे पराव को बोहोत आसानी से पार कर लेता हैं। उसका जीवन दूसरे लोगों के तुलना में ज्यादा सहज और आसान होता हैं। कृतज्ञता आपके जीवन में अधिक समृद्धि और धार्यता जीवन के समस्या से जूझ ने में साहायता करता हैं।
 
आभारी होना अपने आप में एक श्रेष्ठ गुण माना जाता है, कहते हैं जो भी वस्तु या अवस्था के लिए आप जितना ज्यादा आभार व्यक्तत करोगे वह चीज आपकी जिंदगी में दुगना मात्राा में प्राप्त होगी। यही यूनिवर्स का सिद्धांत है।
 
 

कृतज्ञता एक शक्तिशाली प्रक्रिया है

आपके जीवन को बदलने के लिए अभी बिलकुल अभी जो काम आप कर सकते हैं वो यह हैं कि अभी आपके जीवन में जो भी कुछ मौजूद हैं उसका एक लिस्ट बनाया। उसे किसी डायरी में लिखे। मतलब आपके जीवन में जो आशीर्वाद हैं उन्हे लिखे और हर दिन किसी भी एक समय में उसपर नज़र डाल लिया करे। यह आपके भीतर की शक्ति को बढ़ाएगा और आपके विचार को कृतज्ञता और बढ़ाएगा। यह एक शक्तिशाली पक्रिया हैं। सिर्फ १० दिन इस अभ्यास को करके देखे। फिर आप कहना के यह काम करता हा वे नही।
 

कृतज्ञता हृदय का स्मृति हैं

प्रसिद्ध बधिर शिक्षक, जीन बैप्टिस्ट मासीयू ने एक बयान दिया था, जिसे अब एक फ्रांसीसी कहावत माना जाता है: “कृतज्ञता हृदय की स्मृति है।”
 
दरअसल, सराहना तब मिलती है जब आप अपने दिल की गहराइयों से कृतज्ञ महसूस करते हैं। सिर उन सभी लाभों का लेखा-जोखा रखता है जो आप देते हैं और प्राप्त करते हैं, लेकिन दिल उस प्रशंसा, विनम्रता और उदारता को दर्ज करता है जो कोई आपको महसूस करता है जब कोई आप पर दया करता है।
 
अगर किसी ने आपका पक्ष लिया, अगर किसी ने आपको एक उपहार दिया, या बस एक अच्छा दोस्त आपका है, वे सारे एक “धन्यवाद” के लायक हैं। आपके रिश्ते मजबूत होंगे, और आप ऐसी सकारात्मक भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करके एक अच्छे व्यक्ति की तरह महसूस करेंगे। इस कृतज्ञता उद्धरण के माध्यम से यही बताए गए हैं अपना दिल को आभार के भाव से भरें और हर अवसर पर प्रशंसा व्यक्त करने के लिए प्रेरित रहें।
 

कृतज्ञता खुशी की ओर ले जाती है

दुनिया में आप  किसी भी इंसान अगर यह सवाल करें, के वो जीवन में जो कुछ कर रहे हैं या फिर जो कुछ करना चाहते है, उसका पीछे मुख और मूल उद्देश्य क्या हैं। तो सारे लोगों का एक ही जबाव होगा खुशी। ऐसे तो जिसे कपड़ा रोटी मकान मिला हैं वो दुनिया के लाखो लोगों से बेहतर अवस्था में हैं। लेकिन इससे अधिक हम जो भी करते वो अपने और अपनो की खुशी हासिल करने के लिए करते हैं। हम सब खुश रहना चाहते हैं।
 
लेकिन खुशी और कृतज्ञता के बीच संबंध कैसा? बहुत से लोग कहेंगे कि यह बहुत आसान है, जब आप खुश होते हैं तो आप आभारी होते हैं। लेकिन बसत्ब क्या ऐसा हैं? अपको आपके आसपास ही ऐसे कोई सारे लोग मिलेंगे जिसके जीवन में खुशी होने के हर कुछ हैं जिनसे वो बहुत खुश रह सकते हैं, लेकिन फिर भी वो खुश नहीं रहते, कुयंकी जीवन में उन्हे ओर चाहिए, ओर अधिक पाने की बसना जो उनके पास नही हैं। और दूसरे तरफ आपको ऐसे लोग भी मिलेंगे जो अपने जीवन में एक नौकरी से ही खुश हैं, अपना घर नहीं हैं, कराए के घर में रहते है आनंद के साथ, जिनके पास कोई औलाद नहीं हैं फिर भी कभी शिकायत नहीं करते, जिनका पास देखने के लिए आंखें, लिखने के लिए हाथ, चलने के दोनो पैर तक नहीं है, फिर भी वो जीवन से नाराज नहीं बल्के जीवन का शुक्रिया करते हैं।
 
तो यह बात बिलकुल पानी के जैसा साफ हैं के, यह खुशी नहीं है जो आपको कृतज्ञ बनाता है, कृतज्ञता आपको खुश के ओर ले जाती हैं। कृतज्ञ लोग असल खुशी को मेहसूस कर पाते है। जीवन में कृतज्ञता को अपनाए इस उपहार को अपने पराए के साथ संज्ञा करें।
 

कृतज्ञताा आत्मा की शक्ति है

कृतज्ञताा से आत्मा की शक्ति, सच्चे जीवन का दृष्टि और मानवता के लिए सर्वश्रेष्ठ गुण हैं। कृतज्ञ हृदय इंसान के लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। जो कृतज्ञ होते हैं उन्हें न किसी चीज के डर लगता हैं या कोई अन्य चीज उन्हे भयभीत कर पाती हैं। वो कभी खुदके के लिए दुआरों का नुकसान नहीं करवाते। वो सदा अपने हाल में, अपने परिस्थिति में खुश रहने वाले होते हैं।
 
 

कृतज्ञता ब्रह्मांड सबसे शक्तिशाली अनुभव है

“अग्रिम कृतज्ञता ब्रह्मांड में सबसे शक्तिशाली रचनात्मक शक्ति है।” – नील डोनाल्ड वाल्श

कृतज्ञता का अनुभव करना आपके जीवन में उन चीजों को ओर बड़ता है, जिसके लिए अभी एप कृतज्ञ महसूस कर रहे है। आप अभी कोन सी चीज के लिए कृतज्ञ मेहसूस कर रहे है? आप कोई सारे चीजों के लिए कृतज्ञता महसूस कर सकते है, जैसे –
 
✓ आप अभी सांस ले रहे है, इसके लिए आप अभी कृतज्ञ मेहसूस कर सकते हैं।
 
✓ आप के पास समय है, तब ही एप अब तक इस पोस्ट को पड़ रहे है, आप समय के लिए कृतज्ञ मेहसूस अभी कर सकते हैं।
 
✓ अपकी आंखे बिलकुल सही और स्वस्थ हैं, इसके लिए भी आप अभी कृतज्ञ मेहसूस कर सकते हैं।
 
✓ आपके घर की AC जिस से शीतल हवा आपके आराम दे रहे है, उसके लिए अभी आप कृतज्ञ मेहसूस कर सकते हैं।
 
✓ Electricity इसके लिए भी आप अभी कृतज्ञ मेहसूस कर सकते हैं।
 
✓ आपके पास bottle में जो पानी हैं उसके लिए भी आप अभी कृतज्ञ मेहसूस कर सकते हैं।
 
 
 
 
 
✓ अपको भूख लगी हैं और फ्रिज में अच्छे अच्छे फूड और खाने के चीजों से भरा हैं, जो इच्छा आप खाएं, कोई आपका मना नही करने वाला हैं, यह आपका हैं। आप इस कारण से अभी के अभी Thank you God कह सकते हैं।
 
आप बस एकबार कृतज्ञ दृष्टि से देखे आपको अपने चारो ओर ऐसे कोई सारे चीजें मिलेंगे जिसके लिए आप कृतज्ञ हो सकते हैं।
 
हम जैसे विचार मन में सोचते है, वो विचार का वाइब्रेशन हमारे भीतर से ब्रह्मांड में चले जाते हैं और वह same vibration की चीजों को हमारे जीवन में लेकर आते हैं।
 
अगर हम शिकायत और नकारात्मकता व्यक्त करते हैं और विश्वास करते हैं कि चीजें गलत हो जाएंगी, तो हम परिभाषा के अनुसार उस वास्तविकता का निर्माण कर रहे हैं। मतलब वैसे ही चीज अपने जीबन में आकर्षित करेंगे।
 
दूसरी तरफ, जब हम प्रशंसा और सकारात्मकता व्यक्त करते हैं, यहां तक ​​कि उन चीजों के लिए भी जो हमारे पास अभी तक नहीं हैं या जो उपलब्धियां हमने हासिल नहीं की हैं, हम अपने लिए अच्छी ऊर्जा आकर्षित करेंगे। मतलब आप अगर कृतज्ञता अनुभव करते हैं तो आप जीवन में और अधिक कृतग अनुभव को आकर्षित करेंगे।
 
 

कृतज्ञता जीवन जीने का तरीका है

क्या आप ये विश्वास करते है, की हर दिन हमारे चारों ओर ना जाने कितने उपहार होते हैं। लेकिन अधिकांश पर किसी का ध्यान नहीं जाता है, उनकी सराहना नहीं की जाती है और अक्सर उनकी उपेक्षा की जाती है।
 
अस्तित्व में आभार होने के माध्यम से, आप अस्तित्व में सभी बाधाओं के करीब एक लाभप्रद रवैया बढ़ाते हैं और उन सभी मनुष्यों के लिए आभार महसूस करते हैं जो आप अपने जीवन काल में मिलते हैं।
 
आभारी लोग ज्यादा खुश, कम उदास, कम थके हुए और अपने जीवन और सामाजिक रिश्तों से अधिक संतुष्ट होते हैं।[1] कृतज्ञता खुशहाल जीवन जीने का सबसे बेहतरीन तरीका हैं।
 
 
 
“अगर आपको जो मिला है, उसके लिए आप आभारी नहीं हैं, तो यकीन मानो दोस्तों जिंदगी में आप आखिरी दम तक कभी खुश नहीं हो सकते।” Sandeep Maheswari 
 
 
कृतज्ञता हर धर्म का मूल है
 
चाहे आप किसी भी धर्म के मानने वाले हो लेकिन इस बात से कोई इनकार नहीं के कृतज्ञता आपके पास जो है उसे पर्याप्त में बदल देती है। कृतज्ञ रहने की आदत हमें परमात्मा के दायरे में ले आती है। यह हर धर्म, हर आध्यात्मिक पथ में है, आईए जानते हैं:
 

ईसाई धर्म के अनुसार कृतज्ञता

ईसाई धर्म में कृतज्ञता ईश्वर की उदारता की स्वीकृति है जो ईसाइयों को ऐसे आदर्शों के आसपास अपने विचारों और कार्यों को आकार देने के लिए प्रेरित करती है। केवल एक भावुक भावना के बजाय, ईसाई कृतज्ञता को एक गुण के रूप में माना जाता है जो न केवल भावनाओं और विचारों को बल्कि कार्यों और कार्यों को भी आकार देता है। “हमेशा आनन्दित रहना, बिना रुके प्रार्थना करना, और सभी परिस्थितियों में धन्यवाद देना।”
 

यहूदी धर्म के अनुसार कृतज्ञता

 
एक यहूदी सुबह जब उठ ते हैं तो उनकी प्रार्थना में यही कहते है, “मैं आपको धन्यवाद देता हूं, हे परमेश्वर, क्योंकि आपने मेरे जीवन को मेरे लिए बहाल कर दिया है: आपकी सच्चाई महान है।”  विकल्प पर विचार करते हुए, केवल सुबह उठना धन्यवाद देने के लिए पर्याप्त कारण है।
 

वैदिक धर्म के अनुसार कृतज्ञता

वैदिक धर्म नैतिक सार्वभौमिकता और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता सिखाता है। ईश्वर के प्रति कृतज्ञता या भक्ति की सार्वभौमिक अपील है क्योंकि यह सभी प्रकार की धार्मिक प्रथाओं का सार है। वास्तव में, ईश्वर के प्रति कृतज्ञता एक अंतर-धार्मिक अवधारणा और एक सामान्य गुण है।

इस्लाम के अनुसार कृतज्ञता

 
मुस्लिम के लिए पवित्र कुरान में, अल्लाह सर्वशक्तिमान कहते हैं: “और याद रखना!  तुम्हारे रब ने घोषणा की: यदि तुम कृतज्ञ हो, तो मैं तुम्हें और जोड़ दूंगा” (कुरान, 14:5-7)। पवित्र कुरान की आयतों से, हमें पता चला कि इस्लामी चरित्र के लिए कृतज्ञता आवश्यक है और इस्लाम में कृतज्ञता का अभ्यास करना अधिक समृद्धि का साधन है।
 

बौद्ध धर्म के अनुसर कृतज्ञता

अक्सर हमें आशीर्वाद या सौभाग्य के लिए आभारी होना याद रखने के लिए कहा जाता है। लेकिन बौद्ध धर्म हमें आभारी होना सिखाता है, अवधि। कृतज्ञता को एक आदत या मन की मनोवृत्ति के रूप में विकसित करना है जो परिस्थितियों पर निर्भर नहीं है।  हम देखते हैं कि बुद्ध ने सिखाया कि अखंडता के लिए कृतज्ञता आवश्यक है।
 
 

शिख धर्म में आभार

कहा जाता हैं, एक मानव जीवन पाने के लिए आत्मा को 8.4 million अवतार पार करना पड़ता हैं, फिर जाकर हम इंसानी रूप मैं इस धरती में जन्म लेते हैं। हमे इस इंसानी शरीर के लिए कितना अधिक कृतज्ञ रहने चाहिए। यह अब सोच कर देखे। 
 
जितना अधिक हम प्रत्येक क्षण में कृतज्ञ रहना सीखते हैं उतनी ही अधिक इस सांसारिक क्षेत्र में हमारा प्रभाव और हमारी विरासत होगी। जैसा कि सिरी सिंह साहिब ने हमें सिखाया है, जब आप ईश्वर के आभारी हैं “आप महान होंगे और आप पूर्ण होंगे।”
 

 
चाहे हम हम अपने अपने धर्म के अनुसार एकदूसरे जितने भी अलग क्यूं ना हो, लेकिन एक बात में, एक गुण हम सब बराबर हैं के हम इंसान हैं, और कृतज्ञता सारे धर्म का मूल हैं।
 

आभार की अभ्यास से क्या लाभ होता है?

 Benefits of Practice Gratitude in hindi :

कृतज्ञता के अभ्यास से हमारा जीवन संपूर्ण रोप से एक कुशल और शांति से भर जाता है। कृतज्ञता के अभ्यास के ढेरो सकारात्मक परिणाम है। कृतज्ञ आपके जीवन में सौभाग्य लता हैं। आपके जीवन पूर्ण करता हैं। परमेश्वर के साथ आपका रिश्ता को मजबूत करता हैं।
 
कृतज्ञता की भावना के साथ सिर्फ कुछ मिनटों की छूट – आपके दिमाग को तेज बना सकती है, आपकी इंद्रियां अधिक सतर्क और आपके पूरे शरीर को अधिक शांत बना सकती हैं।

कृतज्ञता हमें एक खुश और जिंदादिल इंसान बनाता है

 

• यह हमें लंबी और स्वस्थ जिंदगी प्रदान करता है

• हमारे मेंटल स्वास्थ्य को इंप्रूव करता है

• कृतज्ञता से रिश्ते और मजबूत बनते हैं

• कृतज्ञता एक सकारात्मक व्यक्तित्व का निर्माण करती है

 
 

 
आपने यह बातें कई बार सुनी होगी :
 
  • जो बोओगे सो पाओगे
  • जो दोगे वही पाओगे
  • जैसी सोच वैसी परिणाम
यह सारी बातें एक ही तरफ इशारा कर रहा है, कृतज्ञता, आभार,शुकराना ,शुक्रगुजार रहना हर वह चीज के प्रति जो आपको एक प्रकृति से मिली है।
 
आइए और विस्तार से समझते हैं :
 
  • जो बोओगे सो पाओगे : यानी आप अगर किसी व्यक्ति, वस्तु या किसी भी चीज के प्रति कृतज्ञता का भाव बोओगे तो बदले में आप उन सारी चीजों को अपनी और और अधिक मात्रा में हासिल करोगे। मतलब शुक्रर करना आपकी प्रचुरता और अधिक बढ़ाता है। 
  • जो दोगे वही पाओगे : यानी वर्तमान में आपके पास जो भी कुछ है उसके लिए आप अगर दिल से आभारी रहते हैं तो प्रकृति आपके इस आभार भावना के वजह से आपको इतना अधिक प्रचुरता देगी आप और अधिक आभारी बोध करोगे।
  • जैसी सोच वैसी परिणाम : आभारी रहना एक सोच का चुनाव है। आप अगर आभारी होना पसंद करते हैं तो यह आपकी सोच है और आप अगर आभारी नहीं होना चाहते तो यह भी आपकी ही सोच है , इसमें किसी का कोई दोष नहीं ।इसके परिणाम भी आपको उसी तरह हासिल होगी जिस तरह आप सोच रखते हैं अगर आप कृतज्ञता की सोच रखते हैं तो आपको और ज्यादा समृद्धि और प्रचुरता नसीब होगी और अगर आप कृतज्ञता का बोध नहीं करते और जो चीज भी आपके पास है उसके लिए आप अगर आभारी नहीं है तो वह चीज भी आपसे धीरे-धीरे कम कर दी जाएगी।

कृतज्ञता का महत्व  क्या है जीवन में – Why gratitude is important

लंबे समय से, researchers ने प्रशंसा yani gratitude की baare mein kaha है कि वे कुछ चीजों के लिए अलग-अलग हैं- कुछ मामलों में सीधे, नियमित रूप से जटिल।  
 

 

कृतज्ञता का महत्व  क्या है जीवन में?
 
Research kehte ha ke ek din 86400 sec ka hota ha, lekin un me se kitne sec ke liye humare maan me, शुकराने का भाव ataa hai ??
 
Jo cheejen hume mili hain, uske liye humlog din me kitna baar thankful feel karte hain
 
 कहेत हा कृतज्ञता ज्ञापन अपके जिंदगि मे बहुतायत-आशीर्वाद को blessing  ko aur बड़ाति है, और खुशी आपक जीवन मे दुगनी होती चली जाती हैं। 
 
 
Aur jo Avaar nahi karte, unke pass jo khuc v hain wo v unse dhire dhire  unse durr kar dia jata ha .. Jaise ret hath se dhire dhire nikal jata hain ।।
 
Aap apne life me jish bhi chij ko jitna adhik chaahte ha.. Uske liye utna hi adhik avaar pesh kare.. Kritagyata anuvab kare.. Thankful rahe,
कृतज्ञता ज्ञापन करे। 
 
Toh ap dekhenge apki khusiya dugni hoti chale jayegi.Apke apne blessing ko count karke unke liye gratitude feel karna apki sakaratmakta ko badati hai. 
 
Kaha jata ha, Jo jitna jayada shukrgujar hota ha, ushe aur adhik cheejen milti hain. Jinse wo aur jayada happiness feel karta ha
 
Gratitude ki importance ko bolkar ya likh kar samja ya samjaya nahi ja sakta hain. Isko agar ap sach me samajna chaahte hain toh iski practice jaroori ha. कृतज्ञता  के अभ्यास से  आप अपने जीवन  में  कृतज्ञता का महत्व को जान सकते हैं। 
 

 

Conclusion: 

हमें उम्मीद है कि आपको यह पोस्ट पढ़ने के बाद समझ आई होगी और कृतज्ञता क्या है और यह हमारी जीवन में क्यों जरूरी है इसका महत्व भी आपको समझ में आ गया होगा ।
 
अगर कोई भी किशाम की प्रश्न या सवाल आपके मन में आता है तो आप हमें संपर्क कर सकते हैं सारी पोस्ट को अपने समय निकालकर पढ़ने के लिए मैं आपका आभारी हूं ।
 
दोस्तो ! आपको यह  Gratitude meaning in hindi : Why gratitude is important in life in Hindi – आपको कैसी लगी? 
 
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References :

 
[2] स्नैडर, सी.आर. और शेन जे. लोपेज़. सकारात्मक मनोविज्ञान की पुस्तिका. ऑक्सफ़ोर्ड [इंग्लैंड]: ऑक्सफोर्ड उत्तर प्रदेश, 2002. मुद्रित
 
[3] मैककुलौघ, एम.इ., एमौन्स, आर.ए., & टीसैंग, जे. (2002). आभारी प्रबंध: एक वैचारिक और अनुभवजन्य तलरूप स्वभाव. जर्नल ऑफ़ पर्सनैलिटी एंड सोशियल साइकॉलॉजी, 83,
 
 
 
 
 

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